वृक्षासन(Vrikshasana)
इस आसन को 'वृक्षासन' कहा जाता है क्योंकि इसमें पेड़ जैसी आकृति होती है।
- तरीका
(1) किसी भी एक पैर पर खड़े हो जाओ। यदि एक पैर में संतुलन बनाए रखने में कठिनाई होती है, तो दीवार का सहारा लिया जा सकता है।
- लाभ
इस आसन को 'वृक्षासन' कहा जाता है क्योंकि इसमें पेड़ जैसी आकृति होती है।
(1) किसी भी एक पैर पर खड़े हो जाओ। यदि एक पैर में संतुलन बनाए रखने में कठिनाई होती है, तो दीवार का सहारा लिया जा सकता है।
(2) दूसरे पैर को घुटने से एड़ी से पहले पैर की जांघ के आधार के ऊपर रखें जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।
(3)दोनों हाथों को बाजू से सीधा करते हुए, हथेलियों को एक-दूसरे को स्पर्श करते हुए ऊपर रखें। (4) आकाश को नमस्कार करने की स्थिति होगी। दोनों हाथों की कोहनियों को सीधा रखें।
(5) धीरे-धीरे सांस लें। लगभग दस सेकंड के लिए इस स्थिति में रहें।
(6) फिर दूसरे पैर पर भी यही क्रिया करें। यह क्रिया दिन में चार से छह बार की जा सकती है।
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