74 वें भारतीय स्वतंत्रता दिवस 2020 (Independence Day of India)

     पंद्रह अगस्त भारत की आजादी का दिन है। यह हमारा राष्ट्रीय त्योहारों है।

आजादी का इतिहास

     हमारे देश पर 15 अगस्त 1947 तक अंग्रेजों का शासन था।  अंग्रेजों ने हमारे देश को बर्बाद कर दिया था।  लोगों के गृह उद्योग धराशायी हो गए।  परिणामस्वरूप हमारे हजारों कारीगर बेरोजगार हो गए।  अंग्रेजों के जुल्म से भारत के लोग त्रस्त थे।  गांधीजी ने भारत को ब्रिटिश दासता से मुक्त करने के लिए सत्याग्रह संघर्ष शुरू किया।  देश के लोगों ने गांधी जी को अपना पूरा समर्थन दिया।  जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, बालगंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय आदि जैसे नेताओं ने राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया।  भगत सिंह, खुदीराम बोस, चंद्रशेखर आज़ाद और अन्य युवा मुस्कुराते हुए शहीद हो गए।  आखिरकार 15 अगस्त 1947 को हमारा देश भारत स्वतंत्र हो गया।  उस अवसर पर लोग बहुत खुश थे।  तब से, हर साल 15 अगस्त को पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह

     15 अगस्त को सार्वजनिक छुट्टी रहती है।  स्कूलों में झंडा लहराया जाता है।  राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है।  राष्ट्रगान गाया जाता है।  कुछ गांवों और कस्बों में प्रभातफेरी निकलती है।  इसमें बच्चों  देशभक्ति के गीत  और देशभक्ति से संबंधित नारे लगाते है।  स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम या उत्सव आयोजित किए जाते हैं।  शाम को मकान और  दुकानें रोशनी से चमकती  हैं।

     15 अगस्त की सुबह, हमारे प्रधान मंत्री दिल्ली में लाल किले पर झंडा फहराते हैं और राष्ट्र को संबोधित करते हैं।  फिर हमारे देश की सेना परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है।  देशभक्ति पर आधारित फिल्म भी टीवी पर दिखाई जाती है।

सच्ची देश सेवा

     हमें सच्ची देश सेवा के लिए सीमा पर जाने की जरूरत नहीं है।  हम जिस महान देश की सेवा करते हैं, वही हमारी सेवा है।  इस कोरोना महामारी में घर पर रहना, बिना काम के घर से बाहर नहीं निकलना, डॉक्टरों, पुलिस कर्मियों, सफ़ई  कर्मियों जैसे कोरोना वारियर्स को सम्मानित करना एक ही बड़ी देश सेवा है।  यह देश के लिए एक महान सेवा है अगर हम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, पर्यावरण की रक्षा करते हैं, गरीबों का समर्थन करते हैं, भ्रष्टाचार नहीं करते हैं और कालाबाजारी नहीं करते हैं।

     हम स्वतंत्र हैं लेकिन अभी पूरी तरह से मुक्त नहीं हैं।  15 अगस्त के दिन हम शहीदों को याद करते हैं।  आइए हम अपने देश की अनमोल स्वतंत्रता की रक्षा करने और उसे संजोने की प्रतिज्ञा करें।

तीन रंग का नहीं वस्त्र 
ये ध्वज देश की शान है, 
हर भारतीय के दिल का
यही तो स्वाभिमान है,
यही गंगा , यही हिमालय 
यही हिन्द की जान है,
तीन रंगों में रंगा हुआ 

ये अपना हिन्दुस्तान हैं। 

 




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