ये कैसा मित्र ?(What kind of friend ?)
जीवन में सच्चा मित्र मिलना किसी खजाने से कम नहीं है। मेरे भी अनेक मित्र हैं, परंतु मथुर मेरा सच्चा और सबसे प्रिय मित्र था। मुझे उसकी मित्रता पर गर्व है। हमारी दोस्ती स्वार्थ पर आधारित नहीं थी।
मथुर एक गरीब परिवार से था। मथुर एक अनुशासन प्रिय लडका था। वह अपने माता-पिता की हर बात को सहर्ष मानता था। उसमें एक अच्छे पुत्र के सभी गुण विद्यमान था । वह समाजसेवी भी था।
मथुर मेरी कक्षा में ही पढ़ता था । हम दोनों साथ मे होस्टेल मे रहते थे। वह हमेशा चित्त लगाकर पढ़ाई करता था । सभी शिक्षक उससे प्रसन्न रहते थे। वह पढ़ाई में बहुत होशियार था । वह हर वर्ष परीक्षा में पहेले नंबर से उत्तीर्ण होता था । पहली मुलाकात से ही दोस्ती हो गई थी । हम दोनों तीन साल होस्टेल मे साथ रहे।
साथ मे मेले मे घूमते, मित्रों से मज़ाक करते ओर होस्टेल मे साथ मे रसोई बनाते थे । छुट्टियों मे भी घर नही जाते थे। एक दुसरे के बिना नहीं रहे पाते थे। स्कूल के बिदाई के वक्त हम ओर हमारे शिक्षक बहुत रोये।
मथुर का स्वप्न स्कूल बनाने का था लेकिन गरीबी के कारण वह दसवीं तक पढ सका । छोटी सी उम्र मे उसकी शादी हो गई। गाँव मे मजदूरी करता था। जब भी समय मिलता वह गाँव के बच्चों को पढाता । गाँव मे एक दुकान लगाई थी ।
एसे मे मुझे मित्र कि आकस्मिक निधन की सूचना प्राप्त हुई। इस सूचना से मेरे हृदय में तीव्र आघात हुआ हैं, मेरी आँखों के आगे से मित्र की सूरत नहीं हट रही हैं। उनका सौम्य स्वभाव मुझे रुला रहा हैं।
मित्र, मृत्यु पर किसी का वश नहीं चला हैं, क्योंकि यह एक कटु सत्य हैं कि जो इस संसार में आया हैं, उसे एक दिन यहाँ से जाना ही हैं।
अब नहीं लौट के आने वाला
घर खुला छोड़ के जाने वाला
ये कैसा मित्र ?
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Dost hi ek aesa rishta he jo bina swarth che hoti he 😊friend forevee 😊👍👍👍
जवाब देंहटाएंસાચી વાત છે એવા મિત્રો જીવન માં બહુ ઓછા મળે છે. ભગવાન એમના આત્મા ને શાંતિ આપે.
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