नारी शिक्षा
हमारे देश के संविधान ने स्त्री और पुरुष को सामान अधिकार दिए है , फिरभी सामाजिक रिवाज और आर्थिक कमजोरी के कारन स्त्री को परुष जितने अधिकार नहीं मिले | स्त्री को शादी के बाद अपने पति का हुक्म और धर्म स्वीकार करना पड़ता है | हमारे समाज में नारी शिक्षा को कम महत्व दिया गया है , इसीलिए वह घर की दासी बनकर रह जाती है | अपने लोकशाही देश में नारी शिक्षा को अनिवार्य माना गया है | आज की नई पीढ़ी स्त्री शिक्षा की तरफदारी करती है | वास्तव में नारी शिक्षा से स्वस्थ समाज का नया निर्माण होगा और राष्ट्र की उन्नति होगी | नारी परिवार का प्राण है | शिक्षित नारी अपने पुत्र को एक अच्छा और आदर्श नागरिक बना सकती है | इसीलिए स्त्री शिक्षा से परिवार सुखी और सुरक्षित रह सकता है | नारी शिक्षित होने के कारण समाज और परिवार में उसका गौरव बढ़ेगा | जीवन के किसी भी क्षेत्र में काम करके परिवार को मदद कर सकती है | नारी शिक्षा पारसमणि जैसा कार्य कर सकती है | शिक्षित नारी अंध श्रद्धा से दूर रहेगी , देश के विकास में अपना योगदान ...