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जून, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नारी शिक्षा

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    हमारे देश के संविधान ने स्त्री और पुरुष को सामान अधिकार दिए है , फिरभी सामाजिक रिवाज और आर्थिक कमजोरी के कारन स्त्री को परुष जितने अधिकार नहीं मिले | स्त्री को शादी के बाद अपने पति का हुक्म और धर्म स्वीकार करना पड़ता है |        हमारे समाज में नारी शिक्षा को कम महत्व दिया गया है , इसीलिए वह घर की दासी बनकर रह जाती है | अपने लोकशाही देश में नारी शिक्षा को अनिवार्य माना  गया है |  आज  की  नई पीढ़ी स्त्री शिक्षा की तरफदारी करती है | वास्तव में नारी शिक्षा से स्वस्थ समाज का नया निर्माण होगा और राष्ट्र की उन्नति होगी |     नारी परिवार का प्राण है | शिक्षित नारी अपने पुत्र को एक अच्छा  और आदर्श नागरिक बना सकती है | इसीलिए स्त्री शिक्षा से परिवार सुखी और सुरक्षित रह सकता है | नारी शिक्षित होने के कारण समाज और परिवार में उसका गौरव बढ़ेगा | जीवन के किसी भी क्षेत्र में काम करके परिवार को मदद कर सकती है | नारी शिक्षा  पारसमणि जैसा कार्य कर सकती है | शिक्षित नारी अंध श्रद्धा से दूर रहेगी , देश के विकास में अपना योगदान ...

शिक्षा का महत्व

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         आज हर व्यक्ति को जीवन मे सफल होना है  किन्तु सफल कैसे हो ? सफलता के लिए क्या किया जाए ? सफलता प्राप्त करने के लिए मनुष्य को किस की आवश्यकता है ? तो वह है , शिक्षा ?           आज मनुष्य ने पानी में तैरना और आकाश में उड़ना सिख लिया परन्तु पृथ्वी पर अमन और प्यार से कैसे जिया जाय वह नहीं सीखा | इसलिए शिक्षा की आवश्यकता है | शिक्षा विहीन मनुष्य पशु के सामान है | शिखा के बिना सफल जीवन की कल्पना करना अशहय है |     मानव संस्कृति के इतिहास को सर्वनाश से बचाने के लिए शिक्षा की जरूरत है , आज मनुष्य के जीवन में रोटी , कपडा और मकान इन चीजों का ही महत्व है | किन्तु  इसके साथ शिक्षा भी जरुरी है |      शिक्षा का साधारण अर्थ - अक्षर ज्ञान होता है | मगर शिक्षा वास्तव में कला है और वही कला मनुष्य का शृंगार है | स्वस्थ समाज का निर्माण और जीवन मूल्यों की रक्षा का काम शिक्षा से ही होता है |  शिक्षा से बुद्धि का विकास होता है | व्यक्ति अपने पैरो पर खड़ा हो सकता है | इससे उसका सर्वांगीय विकास होता है | ...

सूर्य नमस्कार (surya namskar)

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     ऋग्वेद कहता है कि सूर्य विश्व की आत्मा है। पृथ्वी पर जीवन सूर्य के कारण है। सूर्य को याद करना और सूर्योदय के समय मंत्र के साथ सूर्य को नमस्कार करना सूर्य की एकमात्र पूजा है। महत्व        सूर्य नमस्कार शरीर के सभी अंगों को शारीरिक व्यायाम प्रदान करता है। आसनों के सभी लाभ सूर्य नमस्कार से प्राप्त होते हैं। शर्त 1  ૐ मित्राय नम:  दोनों पैरों को मिलाएं - पैर की उंगलियों को एडीओइन को एक सुन्न स्थिति में पूरे शरीर को सीधा करें  गरदन सीधे छाती के सामने  नासिका के ऊपर देखो  हाथों की हथेलियां जमीन से उंगलियों के साथ नमस्कार की स्थिति में होती हैं  अंगूठा सौर चक्र को छूता है  दोनों कोहनी एक सीधी रेखा में शर्त २ ૐ रवये नम: नमस्कार स्थिति में, हथेलियाँ ऊपर की ओर होती हैं, हाथ सीधे होते हैं, कोहनी फैली हुई होती है, दृष्टि सिर के ऊपर होती है, सिर पीछे की ओर मुड़ा होता है, इस स्थिति में रीढ़ पीछे की ओर झुकती है - पैर सीधे होते हैं, पैर फैलाए जाते हैं।  कमर से ऊपर का शरीर पीछे की ओर झुका होता है  पूरक: श्वास भरे...

योगा (yoga)

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     योग का विज्ञान जो आम आदमी को व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से जीवन स्तर और जीवन के उच्च स्तर तक ले जाता है। वर्षों के आत्मनिरीक्षण, प्रत्यक्ष अभ्यास और संवादों के माध्यम से, हमने इस धरती पर हिमालय की गुफाओं में आध्यात्मिक खोजों पर ध्यान देने के परिणामस्वरूप मूल बातों का एक विशाल ज्ञान प्राप्त किया है। हमें यह ज्ञान प्रखर  संशोधको  द्वारा दिया गया है। जिसकी स्वीकृति  स्वास्थ्य वैज्ञानिक भी कर रहे हैं। उनका मानना ​​है कि यह एक बहुत महत्वपूर्ण उपकरण है। जो मानव को एक सामंजस्यपूर्ण शांत जीवन शैली की ओर ले जाता है और एक शांत जीवन के लिए प्रेरणा प्रदान करता है। योग हमें जीवन के मूल्य के साथ कई क्षेत्रों में सकारात्मक स्वास्थ्य प्रदान करता है।      बुद्धि , विचार क्षमता, स्मृति और इंद्रियों के नियंत्रण में सुधार का मुख्य कारण मानसिक आरोग्य है । जो योग के नियमित अभ्यास से आ सकता है।      यद्यपि योग आत्म-साक्षात्कार का विज्ञान है, लेकिन शरीर के विभिन्न अंगों,  ग्रंथियों को सरल अभ्यास देकर योग के विभिन्न अंगों का अभ्यास करक...

पागल कौन ? (pagal kaun ?)

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    स्कुल मे अपनी क्लास मे गया | में 8 वी कक्षा का क्लास टीचर था | जैसे ही में क्लास के अंदर प्रवेश किया की  सारे छात्र  खड़े हो गए | छात्रों के लिए पहला दिन था | कुछ गभराए हुऐ तो कुछ उत्सुक लग रहे थे | क्लास मे शांति हो गई थी | मैंने बैठने को कहा | सब बैठ गए , करीब 56 छात्र थे | मैंने सब की आँखो  में देखा | कुछ मेरे सामने मुस्कुरा रहे थे  तो कुछ डर या शर्म के कारण  नीचे देखने लगे |     कोई भी कुछ नहीं बोलते थे | मैंने एक एक करके सबके नाम पूछे | एक लड़की के आलावा सबने  खड़े होकर अपने अपने  नाम बताया | कुछ छात्रों का उत्साह देखकर में भी गभरा गया की में उसके लिए कुछ न कर पाया तो ! मैने भी अपना परिचय दिया | ऐसे में मेरी नजर एक लड़की की और  पड़ी | अकेली बैठी थी | किसी के साथ कुछ भी नहीं बोल रही थी |     दूसरे दिन में क्लास में गया , फिर वही सब खड़े हुए | मैंने बैठने को कहा | मैंने उस लड़की का दुबारा नाम पूछा |  लेकिन कुछ भी उत्तर नहीं मिला | उसके पास में बैठी एक लड़की ने उसका नाम मनीषा बताया | वो तो  मेरे...

एक शिक्षक ऐसा कि आज भी गाँववाले ....(A teacher is such that even today the villagers ....)

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     अपने जीवन मे शिक्षक का बडा महत्व होता है । शिक्षक एक माली के समान विद्यार्थी रुपी पौधे को पोषित करता है। उन्हें एक बेहतर मनुष्य बनाता है।       शिक्षक या गुरु उस कुम्हार के समान होता है,  जो मिट्टी के बर्तन बनाते समय उसे एक हाथ से संभालता है और दुसरे हाथ से आकार  देता है ।  उसी प्रकार शिक्षक भी शिक्षा से हमें आकार देते है। शिक्षक के बिना बेहतर समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती।        सभी शिक्षक अपने तरीके  से महान है । लगभग हर व्यक्ति के जीवन में एक शिक्षक होता है जो अपने जीवन को एक नया लक्ष्य देता है। ऐसे ही एक शिक्षक हैं रमेशभाई पंड्या । 15 साल हमारे गाँव में रहे। उसका स्वभाव सरल और मिलनसार था। जिसने बच्चों के  साथ गाँववाले का दिल जीत लिया। गाँव मे वह सबका प्रेरणादायी थे ।      गाँव की कोई भी समस्या को सुलझाते थे । गाँववाले मास्तर कहते थे । स्कूल मे बच्चों को अलग अलग विषय का ज्ञान देते थे। प्रार्थना के समय वे हमें प्रेरणा देने वाले महानुभाव के  वचन सनाते थे।  कभी विद्यार...

एक ऐसी घटना की .......(Of such an event .......)

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          हर किसी को अपना बचपन याद आता है। हम सबने अपने बचपन को जीया है। शायद ही कोई होगा, जिसे अपना बचपन याद न आता हो। बचपन की अपनी मधुर यादों में माता-पिता, भाई-बहन, यार-दोस्त, स्कूल के दिन, आम के पेड़ पर चढ़कर 'चोरी से' आम खाना, खेत से गन्ना उखाड़कर       चूसना और ‍खेत मालिक के आने पर 'नौ दो ग्यारह' हो जाना हर किसी को याद है                          गाँव मे ही नदी है। हर दिन नदी मे नहाना ओर मित्रों के साथ खेलने मे ही पुरा दिन निकल जाता।   मेरा बचपन बहुत ही अच्छा रहा है बचपन में मैंने खूब मस्तियां की है  जिनकी मीठी यादें आज भी मेरे मस्तिक में बची हुई है आज शहर की इस गुमनाम जिंदगी में भी रस तब घुल आता है जब मैं छोटे बच्चों को खेलते हैं और शैतानियां करते देखता हूं।  मेरा बचपन गांव में ही बीता है इसलिए मुझे बचपन की और भी ज्यादा याद आती है बचपन में हम भैंस के ऊपर बैठकर खेत चले जाते थे, तो बकरी के बच्चों के पीछे दौड़ लगाते थे. बचपन ...

ये कैसा मित्र ?(What kind of friend ?)

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     जीवन में सच्चा मित्र मिलना किसी खजाने से कम नहीं है । मेरे भी अनेक मित्र हैं, परंतु मथुर मेरा सच्चा और सबसे प्रिय मित्र था। मुझे उसकी मित्रता पर गर्व है।  हमारी दोस्ती स्वार्थ पर आधारित नहीं थी।             मथुर एक गरीब परिवार  से था। मथुर एक अनुशासन प्रिय लडका था। वह अपने माता-पिता की हर बात को सहर्ष मानता था। उसमें एक अच्छे पुत्र के सभी गुण विद्यमान था । वह समाजसेवी भी था।         मथुर  मेरी कक्षा में ही पढ़ता था । हम दोनों साथ मे होस्टेल मे रहते थे।  वह हमेशा चित्त लगाकर पढ़ाई करता था । सभी शिक्षक उससे प्रसन्न रहते थे।  वह पढ़ाई में बहुत होशियार था । वह हर वर्ष परीक्षा में पहेले नंबर से उत्तीर्ण होता था ।  पहली  मुलाकात से ही दोस्ती हो गई थी । हम दोनों तीन साल होस्टेल मे साथ रहे।       साथ मे मेले मे घूमते, मित्रों से मज़ाक करते ओर होस्टेल मे साथ मे रसोई बनाते थे । छुट्टियों मे भी घर नही जाते थे। एक दुसरे के बिना नहीं रहे पाते थे। स्कूल के बिदाई के...